aslam sonu laxminiya

Friday, 19 February 2016

me and my brother sanif aslam sonu a s group hindi shayri

  • कमाल है ना!
    आँखे तालाब नहीं, फिर भी, भर आती है!
    दुश्मनी बीज नही, फिर भी, बोयी जाती है!
    होठ कपड़ा नही, फिर भी, सिल जाते है!
    किस्मत सखी नहीं, फिर भी, रुठ जाती है!
    बुद्वि लोहा नही, फिर भी, जंग लग जाती है!
    आत्मसम्मान शरीर नहीं, फिर भी, घायल हो जाता है!
    और,इन्सान मौसम नही, फिर भी, बदल जाता है!…..
  • देश के सारे बाप जो आज तक अपने बच्चों को सलाह देते थे कि कुछ बनना है तो पढ़ो लिखो… वो सब आज शर्मिंदा है और अपने बच्चो से आँखें नहीं मिला पा रहे … क्यूंकि लालू से सिद्ध कर दिया अगर बाप में दम है तो कोई बच्चा नालायक नहीं होता।
  • महान सपने देखने वालों के महान सपने हमेशा पूरे होते हैं
  • कितना मुश्किल है ज़िन्दगी का ये सफ़र; खुदा ने मरना हराम किया, लोगों ने जीना!
  • पराया धन होकर भी कभी पराई नही होती। शायद इसीलिए किसी बाप से हंसकर बेटी की, विदाई नही होती।।
  • जिस व्यक्ति ने कभी गलती नहीं कि उसने कभी कुछ नया करने की कोशिश नहीं की
  • दावे दोस्ती के मुझे नहीं आते यारो,एक जान है जब दिल चाहें मांग लेना..
  • करेगा ज़माना भी हमारी कदर एक दिन , बस ये वफादारी की आदत छूट जाने दो
  • जैसे ही भय आपके करीब आये , उसपर आक्रमण कर उसे नष्ट कर दीजिये
  • बुरा वक्त तो सबका आता है, इसमें कोई बिखर जाता है और कोई निखर जाता है .
  • प्रसन्नता पहले से निर्मित कोई चीज नहीं है..ये आप ही के कर्मों से आती है
  • अब हैरान नही होता अगर किसी का दिल टुटजाये.. अब तो चौक जाता हुँ किसी के प्यार कि कामयाबी पर…

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